आज के प्रतिस्पर्धात्मक और वैश्वीकरण के युग में संगठन केवल संसाधनों के आधार पर ही सफल नहीं होते, बल्कि उनके सबसे महत्वपूर्ण संसाधन—मानव संसाधन—का प्रभावी और रणनीतिक उपयोग भी आवश्यक होता है। इसी संदर्भ में रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन (Strategic Human Resource Management – SHRM) की अवधारणा विकसित हुई। यह मानव संसाधन प्रबंधन का एक उन्नत दृष्टिकोण है, जिसमें संगठन के दीर्घकालीन लक्ष्यों और रणनीतियों के साथ मानव संसाधन नीतियों को जोड़ा जाता है।
रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन की परिभाषा
रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन वह प्रक्रिया है जिसमें संगठन के दीर्घकालिक उद्देश्यों और रणनीतियों के अनुरूप मानव संसाधनों की योजना, भर्ती, प्रशिक्षण, विकास, प्रदर्शन मूल्यांकन और प्रतिफल प्रणाली को इस प्रकार तैयार किया जाता है कि संगठन को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त हो सके।
विभिन्न विद्वानों के अनुसार इसकी परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं—
- Wright और McMahan (1992) के अनुसार, SHRM वह पैटर्न है जिसमें नियोजित मानव संसाधन गतिविधियाँ और नीतियाँ संगठन की रणनीति के साथ एकीकृत होती हैं ताकि प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त किया जा सके।
- Boxall और Purcell के अनुसार, SHRM वह प्रक्रिया है जिसमें संगठन मानव संसाधनों को इस प्रकार प्रबंधित करता है कि वे संगठन के दीर्घकालीन उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक हों।
- सामान्य रूप से कहा जा सकता है कि, “रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन वह दृष्टिकोण है जिसमें मानव संसाधन प्रबंधन को संगठन की रणनीतिक योजना का अभिन्न अंग बनाया जाता है।”
रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन की विशेषताएँ
- यह दीर्घकालीन दृष्टिकोण पर आधारित होता है।
- यह संगठनात्मक रणनीति के साथ HR नीतियों को जोड़ता है।
- यह प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करने पर केंद्रित होता है।
- यह मानव संसाधनों को एक रणनीतिक संपत्ति मानता है।
- यह संगठनात्मक प्रदर्शन को सुधारने पर जोर देता है।
रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन के उपागम (Approaches of SHRM)
रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन को समझने के लिए विभिन्न उपागम (approaches) प्रस्तुत किए गए हैं। ये उपागम यह बताते हैं कि संगठन मानव संसाधन और रणनीति के बीच संबंध को कैसे देखते हैं।
1. संसाधन-आधारित उपागम (Resource-Based View – RBV)
यह SHRM का सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक उपागम है।
मुख्य विचार:
- संगठन की सफलता उसके आंतरिक संसाधनों पर निर्भर करती है।
- मानव संसाधन सबसे मूल्यवान, दुर्लभ, अनुकरणीय न होने वाला और अपरिवर्तनीय संसाधन है।
विशेषताएँ:
- कर्मचारी संगठन की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति का स्रोत होते हैं।
- कौशल, ज्ञान और क्षमताएँ संगठन को विशेष बनाती हैं।
- HR नीतियाँ इस प्रकार बनाई जाती हैं कि प्रतिभा का विकास और संरक्षण हो।
2. सर्वोत्तम प्रथाएँ उपागम (Best Practice Approach)
इसे “Universalistic Approach” भी कहा जाता है।
मुख्य विचार:
- कुछ HR प्रथाएँ सभी संगठनों में प्रभावी होती हैं।
- इन सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाकर कोई भी संगठन बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
मुख्य HR प्रथाएँ:
- चयन प्रक्रिया में कठोरता
- व्यापक प्रशिक्षण और विकास
- प्रदर्शन आधारित वेतन प्रणाली
- कर्मचारी भागीदारी
विशेषताएँ:
- यह मानता है कि एक समान HR नीतियाँ हर जगह सफलता देती हैं।
- कर्मचारियों की भागीदारी और प्रेरणा पर जोर देता है।
सीमाएँ:
- यह संगठनात्मक परिस्थितियों की भिन्नता को नजरअंदाज करता है।
3. सर्वोत्तम उपयुक्तता उपागम (Best Fit Approach / Contingency Approach)
मुख्य विचार:
- HR रणनीतियाँ संगठन की समग्र रणनीति और बाहरी वातावरण के अनुसार होनी चाहिए।
- “One size fits all” दृष्टिकोण सही नहीं है।
विशेषताएँ:
- HR रणनीति संगठन की व्यापारिक रणनीति के साथ मेल खाती है।
- यह लचीलापन और अनुकूलन पर जोर देता है।
- बाजार, प्रतिस्पर्धा और तकनीक के अनुसार HR नीतियाँ बदलती हैं।
4. सामंजस्य उपागम (Configurational Approach)
मुख्य विचार:
- HR प्रथाओं का एक समूह (bundle) मिलकर अधिक प्रभावी होता है।
- अलग-अलग HR नीतियाँ नहीं, बल्कि उनका समन्वय महत्वपूर्ण है।
विशेषताएँ:
- HR प्रथाएँ आपस में जुड़ी होती हैं।
- यह आंतरिक संगति (internal fit) पर जोर देता है।
- सही संयोजन से संगठन बेहतर प्रदर्शन करता है।
5. हार्वर्ड मॉडल उपागम (Harvard Model Approach)
मुख्य तत्व:
- हितधारकों का हित (Stakeholder Interests)
- परिस्थितिजन्य कारक (Situational Factors)
- HRM नीतियाँ (HRM Policy Choices)
- HR परिणाम (HR Outcomes)
- दीर्घकालिक परिणाम (Long-term Consequences)
विशेषताएँ:
- यह कर्मचारियों, प्रबंधन, सरकार और समाज सभी को महत्व देता है।
- यह दीर्घकालिक संतुलन पर ध्यान देता है।
6. मिशिगन मॉडल उपागम (Michigan/Matching Model)
मुख्य विचार:
- HR प्रणाली को संगठन की रणनीति के साथ “मिलान” (matching) करना चाहिए।
विशेषताएँ:
- चयन, मूल्यांकन, विकास और पुरस्कार प्रणाली को रणनीति के अनुसार डिजाइन किया जाता है।
- यह अधिक “hard HRM” दृष्टिकोण पर आधारित है।
- संगठनात्मक दक्षता और उत्पादकता पर जोर देता है।
निष्कर्ष
रणनीतिक मानव संसाधन प्रबंधन आधुनिक प्रबंधन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो मानव संसाधन को केवल प्रशासनिक कार्य के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में देखता है। इसके विभिन्न उपागम यह स्पष्ट करते हैं कि संगठन अपने लक्ष्यों, वातावरण और संसाधनों के आधार पर HR रणनीतियों का चयन करते हैं। संसाधन-आधारित दृष्टिकोण, सर्वोत्तम प्रथाएँ, सर्वोत्तम उपयुक्तता, सामंजस्य उपागम, हार्वर्ड मॉडल और मिशिगन मॉडल सभी SHRM को अलग-अलग दृष्टिकोण से समझाते हैं, जिससे यह क्षेत्र और भी व्यापक और उपयोगी बन जाता है।
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